हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रिय पार्क | National Parks in Himachal Pradesh

हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रिय पार्क | National Parks in Himachal Pradesh

हिमाचल प्रदेश एक पहाड़ी क्षेत्र है। यहाँ लगभग 66 प्रतिशत क्षेत्र में वन हैं। जहॉं विभिन्न प्रकार की वनस्पतियाँ तथा जीव-जंतु निवास करते हैं। उनके संरक्षण के लिए राष्ट्रीय सरकार ने कुछ सरंक्षित क्षेत्र चिन्हित किए हैं। ताकि उस क्षेत्र की प्राकृतिक वनस्पतियों तथा जीव-जंतु को सुरक्षित रह सके। हिमाचल प्रदेश में पांच राष्ट्रीय पार्क है तथा 32 वन्यजीव अभ्यारण्य , 3 प्राकृतिक पार्क हैं।

राष्ट्रीय उद्यान (National Park):

राष्ट्रीय उद्यान ,प्राकृतिक ,पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए राष्ट्रीय सरकार द्वारा अलग से चिन्हित किया गया क्षेत्र होता है। इन क्षेत्रों में वन्यजीव और वनस्पतियों के सुरक्षा और विकास की बजह से किसी प्रकार की खेतीबाड़ी ,शिकार करना ,पशुओं को चराने आदि पर प्रतिबन्ध होता है। जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान भारत का सबसे पुराना पार्क है ,जो उत्तराखंड राज्य में स्थित है। हिमाचल प्रदेश का सबसे पुराना नेशनल पार्क द ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क है जो कुल्लू जिला में स्थित है।

हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रिय पार्क | National Parks in Himachal Pradesh :

हिमाचल प्रदेश को प्रकृति ने अनेक प्राकृतिक उपहारों से नवाजा है। यहाँ अनेक प्रकार की वनस्पतियों और जीव जंतुओं का निवास स्थान है। उनके संरक्षण के लिए सरकार ने हिमाचल में पाँच राष्ट्रीय पार्क बनाए हैं। जहाँ विभिन्न जीव प्रजातियों को सरंक्षण प्रदान किया गया है। इन राष्ट्रीय पार्कों की प्राकृतिक नजारों का लुत्फ़ उठाने के लिए विभिन्न देशों प्रदेशों से लोग आते हैं। हिमाचल प्रदेश में पाँच राष्ट्रीय पार्क है, इन पाँच राष्ट्रिय पार्क का कुल क्षेत्रफल 2271 वर्ग किलोमीटर है l

  • द ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क (The Great Himalayan National Park)
  • पिन घाटी राष्ट्रीय पार्क (Pin Valley National Park)
  • इंदरकिला राष्ट्रीय पार्क (Inderkila National Park)
  • खीरगंगा राष्ट्रीय पार्क (Khirganga National Park)
  • सिंबलबाड़ा राष्ट्रीय पार्क ( Simbalbada National Park)

ग्रेट हिमालयन राष्ट्रिय पार्क (The Great Himalayan National Park) :

  • यह पार्क जिला कुल्लू में स्थित है। यह 1984 में स्थापित किया गया था। पार्क को औपचारिक रूप से 1999 में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था, जिसमें 754.4 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र शामिल था।
  • पार्क का कुल क्षेत्रफल (राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य और इकोज़ोन के सहित) 1171 वर्ग किमी है, जिसे एक साथ ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क संरक्षण क्षेत्र (जीएचएनपीसीए) के रूप में जाना जाता है।
  • 23 जून 2014 को दोहा, कतर राज्य की 38 वीं विश्व धरोहर समिति के सत्र के दौरान एक प्राकृतिक स्थल के रूप में ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क संरक्षण क्षेत्र (GHNPCA) को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया था।
  • इस पार्क की सीमाएं ट्रांस-हिमालय में पिन वैली नेशनल पार्क, रूपी भाभा वन्यजीव अभयारण्य और कनावर (कंवर) वन्यजीव अभयारण्य के साथ मिलती है 5. यह भारत की 32 वीं विश्व विरासत स्थल है। प्राकृतिक धरोहर के लिहाज से यह भारत की 11 वीं साइट है।
  • यहाँ पर देवदार , कैल , रखाल , रई, तोश ,चील , बुरांश ,खर्शू ,बान ,मोहरू ,नाग छतरी ,बनपाशा ,गुच्छी आदि अनेक प्रकार की वनस्पतियां पाई जाती है। इस पार्क में हिमालयन कस्तूरी मृग ,हिमालयन आईबेक्स , हिमालयन तहर , तेंदुए , हिम तेंदुए जैसे अनेक पशु हैं। इसके साथ पश्चिमी ट्रोगोपैन, कोक्लास, चीयर फिज़ेंट्स , मोनाल ,चुकर अनेक प्रजाति के पक्षी भी इस पार्क में है।
  • पार्क का अद्भुत दृश्य है। पार्क वन्यजीवों के प्रेमियों और साहसिक उत्साही लोगो, दोनों के लिए आकर्षण का एक केंद्र है। अनेक प्रकार की वनस्पतियाँ ,पशु पक्षी सभी का मन मोह लेते हैं।


पिन घाटी राष्ट्रिय पार्क (Pin Valley National Park) :

इस पार्क की स्थापना 9 जनवरी 1987 को की गई थी। यह पार्क हिमाचल प्रदेश के जिला लाहौल-स्पीति में स्थित है। पिन घाटी राष्ट्रीय पार्क ठंडा क्षेत्र हैं। इसका क्षेत्रफल 675 वर्ग किलोमीटर है। वैसे तो इसका क्षेत्र लगभग 1825 वर्ग किलोमीटर हैं, जिसमें 1150 वर्ग किलोमीटर बफर जोन में आता है तथा 675 वर्ग किलोमीटर कोर जोन में आता है।

पिन घाटी राष्ट्रीय पार्क में अनेक प्रकार के जीव जन्तु रहते हैं। कई लुप्तप्राय दुर्लभ पशु पक्षी की प्रजातियां यहाँ निवास करती है। इस पार्क को हिम तेंदुओं के घर के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा कई दुर्लभ प्रजाति के पक्षी जैसे हिमालयन चाउ, पिका ,चकोर पार्टीज़ ,ग्रिफान, गोल्डन ईगल, हिमालयन स्नोकॉक ,गिध्द ,स्नो पार्टीज़ ,स्नोफ़िज और रेवेन आदि इस पार्क में निवास करते हैं। पिन घाटी नेशनल पार्क का प्राकृतिक सौंदर्य ही अद्भुत है। पर्यटक भी पार्क के दर्शन करने जाते हैं।

इंदरकिला राष्ट्रिय पार्क (Inderkila National Park) :

यह कुल्लू जिले में स्थित है, जो मनाली हवाई अड्डे से 46 किलोमीटर दूर है l इंदरकिला राष्ट्रीय पार्क मुख्य रूप से बाघों के संरक्षण के लिए बनाया गया था। इसकी स्थापना 2010 में राष्ट्रिय पार्क के रूप में की गई l इसका कुल क्षेत्रफल 104 वर्ग किलोमीटर है। इंदरकिला नेशनल पार्क विभिन्न वनस्पतियों और जीवों का संरक्षक है।

खीरगंगा राष्ट्रिय पार्क (Khirganga National Park) :

खीरगंगा राष्ट्रीय पार्क कुल्लू जिले में स्थित है l इसकी स्थापना 2010 में की गई l इसका कुल क्षेत्र 710 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह पार्क पार्वती घाटी में 3050 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।

शुरू में खीरगंगा नेशनल पार्क को ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के साथ जोड़ा गया था लेकिन कुछ रखरखाव के मुद्दों के कारण , पार्क को ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क से अलग कर दिया गया। इस राष्ट्रीय उद्यान में जंगली भालू बहुत आम रूप में पाए जाते हैं। खीरगंगा शीत ऋतू में वर्फ से ढकी रहती है। यदि कोई पर्यटक घूमना चाहता है तो गर्मियों के दिनों में उद्यान का आंनद ले सकता है।

सिंबलबाड़ा राष्ट्रिय पार्क (Simbalbada National Park) :

यह राष्ट्रिय पार्क सिरमौर जिले की पांवटा तहसील में स्थित है l इसकी स्थापना 2010 में राष्ट्रिय पार्क के रूप में की गई l इसका कुल क्षेत्रफल 27.88 वर्ग किलोमीटर हैl यह हिमाचल प्रदेश का सबसे छोटा राष्ट्रिय पार्क है l जिसे कर्नल शेरजंग राष्ट्रिय पार्क के नाम से जाना जाता हैl इसे 1958 में वन्यजीव अभ्यारण्य का दर्जा दिया गया था l

सिंबलबाड़ा नेशनल पार्क हिमाचल प्रदेश के सबसे आकर्षक पर्यटन स्थलों में से एक है। यहाँ पर अनेक के वन्य जीव और पक्षी की प्रजातियां निवास करती हैं। जो पारिस्थितिक प्रणाली को बनाए रखती है।

सारांश (Summary) :

हिमाचल प्रदेश में पाँच राष्ट्रीय पार्क हैं। पाँचों राष्ट्रीय उद्यानों की अपनी ही अलग विशेषताएं है। हिमाचल प्रदेश की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में राष्ट्रीय उद्यानों के बारे में अवश्य प्रश्न पूछे जाते हैं। इसलिए हमने इसमें हर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की कोशिश की है। यदि जानकारी आपको उपयोगी लगी हो तो अवश्य इस पोस्ट को शेयर करें।

हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रिय पार्क | National Parks in Himachal Pradesh

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