Brief Geography of District Shimla – HP

Brief Geography of District Shimla – HP

जिला शिमला
मुख्यालय :शिमला (समुद्रतल से ऊंचाई -2206 मीटर )
भाषाएँ : क्योंथली ,कोची ,बरारी ,महसुई ,हिंदी व पंजाबी
कुल क्षेत्रफल : 5131 वर्ग किलोमीटर
जिले के रूप में गठन : 1972 ई.

भौगोलिक स्थिति : शिमला हिमाचल प्रदेश के दक्षिण पूर्व में स्थित है। यह 77° 0′ व् 78° 19′ पूर्वी देशांतर तथा 30° 45′ व 31° 44′उत्तरी अक्षांश के बीच स्थित है। शिमला के पूर्व में किन्नौर और उत्तराखंड ,दक्षिण में सिरमौर ,दक्षिण पूर्व में उत्तराखंड ,उत्तर में कुल्लू और मंडी ,पश्चिम में सोलन जिला स्थित है। इस जिला की ऊंचाई 300 मीटर से 6000 मीटर तक है।

शिमला जिला की प्रमुख पर्वत श्रृंखला एवं चोटियाँ :-जाखू (शिमला शहर ), प्रोस्पेक्ट पहाड़ी , सियाह (चैल के नजदीक ), ऑब्जर्वेटरी पहाड़ी , समर हिल , चौपाल तहसील की चूड़धार ,रोहड़ू तहसील की चांसल चोटी , सुन्नी तहसील की शाली चोटी ,कुम्हारसेन की हाटु चोटी ,

नदियाँ :

शिमला जिला में सतलुज,गिरी ,पब्बर प्रमुख नदियां है :
सतलुज नदी – सतलुज नदी चौरा में शिमला जिला में प्रवेश करती है तथा कुल्लू और मंडी जिले के साथ सीमा बनाती है। सतलुज नदी की शिमला जिले में सहायक नदियां है -नोगली ,मानछद ,बैहरा ,खेखर ,छामदा और सावेरा।
गिरी नदी –गिरी नदी कूपर चोटी जुब्बल से निकलती है। गिरी नदी शिमला जिले में असनी प्रमुख सहायक नदी है।
पब्बर – पब्बर नदी चन्द्रनाहन झील से निकलती है। पब्बर नदी उत्तराखंड में त्यूनी के पास टौंस नदी में मिलती है। पब्बर नदी की शिमला जिले में प्रमुख सहायक नदियाँ है -आंध्रा ,पेजोर ,हाटकोटी ,और शिकारी।

झीलें : चन्द्रनाहन , तानुजुब्बल और गढ़कुफ़्फ़र,कराली झील ,बरादोनसर।

ग्लेशियर : चन्द्रनाहन ग्लेशियर – यह ग्लेशियर शिमला जिले के रोहड़ू की चांशल चोटी पर स्थित है जिससे पब्बर नदी को जल मिलता है।

झरने /चश्मे : ज्योरी ,चैडविक।

शिमला जिले की प्रमुख घाटियाँ :

सतलुज घाटी : सतलुज नदी के तिब्बत के भारतीय भूमि में ‘शिपकिला ‘नामक स्थान पर प्रवेश करते ही यह घाटी शुरू होती है और बिलासपुर तक फैली हुई है। सतलुज नदी के किनारे पर फैली इन घाटियों की श्रृंखला को ही सतलुज घाटी के नाम से जाना जाता है। शिमला जिले का रामपुर का क्षेत्र इसी घाटी में आता है।
पब्बर घाटी : पब्बर घाटी रोहड़ू तहसील में स्थित है। इसलिए इसे रोहड़ू घाटी भी कहते हैं। इस घाटी में पानी की कमी को पब्बर नदी पूरा करती है,जो चांशल चोटी से निकलती है। पब्बर घाटी को अध्ययन की दृष्टि से पांच प्रमुख भागों में बांटा गया है -1. रणसार की नाली 2. टिकराल की नाली 3. जिगाह की नाली 4. स्पैल की नाली 5. नावर की नाली।
अश्वनी घाटी : अश्वनी घाटी शिमला कुफरी से सोलन के गौड़ा तक फैली है।

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