हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की कल्याणकारी योजनाएँ

हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की कल्याणकारी योजनाएँ

हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड द्वारा पंजीकृत श्रमिकों/ कामगारों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं बनाई है। इन कल्याणकारी योजनाओं का श्रमिक लाभ ले सकते हैं। बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों कामगारों जिन्होंने पिछले 12 महीनों से कम से कम 90 दिन तक भवन एवं अन्य निर्माण कार्य किया हो। बोर्ड द्वारा दी जाने वाली कल्याणकारी योजनाओं का विवरण यहाँ दिया गया है

शादी हेतु वित्तीय सहायता : 

इसके तहत पंजीकृत अविवाहित लाभार्थी के स्वयं के विवाह हेतु ₹ 51,000 रुपये की राशि दी जाती है। विवाहित लाभार्थी के दो बच्चों के विवाह हेतु  ₹ 51000 रुपए की राशि प्रत्येक बच्चे के विवाह हेतु दी जाती है।

पात्रता : दो माह की सदस्यता

मातृत्व/पितृत्व प्रसुविधा : 

इसके तहत पंजीकृत महिला लाभार्थी को प्रसव अवधि के समय अथवा बच्चे के जन्म पर ₹25000/- दिए जाते हैं। पंजीकृत महिला को दो प्रसवों तक समय-समय पर प्रचलित न्यूनतम मजदूरी की दर से 90 दिन 26 सप्ताह तक के लिए मातृत्व अवकाश दिया जाता है। पंजीकृत कामगार की पत्नी को 2 वर्षों तक ₹6000 प्रति प्रसव दिए जाते हैं पुरुष लाभार्थी को पितृत्व सुविधा के तहत बच्चे के जन्म पर ₹1000 की राशि प्रदान की जाती है।

पात्रता : दो माह की सदस्यता

चिकित्सा सहायता : 

लाभार्थी और उसके आश्रितों को चिकित्सा उपचार हेतु सरकारी अस्पताल/सरकार द्वारा अनुमोदित/चयनित अस्पतालों/औषधालयों से चिकित्सा बिल प्रस्तुत करने पर प्रतिवर्ष बाह्य (Outdoor) चिकित्सा उपचार के लिए मु0 50,000/-रू. (पच्चास हजार) और अंतरंग (Indoor)चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए मु0 1,00,000/-रू. (एक लाख) की सहायता राशि बोर्ड द्वारा प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त गंभीर बीमारी के लिए मु0 5,00,000/-(पांच लाख रूपए) की सहायता राशि बोर्ड द्वारा प्रदान की जाएगी। |

शिक्षा हेतु वितीय लाभ : 

बोर्ड में पंजीकृत सदस्यों के दो बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रति वर्ष निम्न दर से सहायता प्रदान की जाती है:-

पाठ्यक्रमराशि (रूपये) ( प्रति वर्ष )
प्रथम कक्षा से आठवीं सत्र तकबालिका = 8400/-
बालक =8400/-
नौवीं से 10+2 सत्र तकबालिका = 12000/-
बालक =12000/-
स्नातक कक्षाएं
कला स्नातक
बी. एस. सी./बी.कॉम/बी.बी.ए या इसके बराबर
बालिका = 36000/-
बालक = 36000/-
स्नातकोत्तर:
(1) कला एवं वाणिज्य संकाय
(2) विज्ञान संकाय
बालिका = 60,000/-
बालक = 60,000/-
डिप्लोमा पाठ्यक्रम अवधि
एक वर्ष /दो वर्ष /तीन वर्ष
बालिका = 48,000/-
बालक = 48,000/-
पौलिटेक्निक डिप्लोमा (तीन वर्ष)बालिका = 60,000/-
बालक = 60,000/-
व्यावसायिक पाठ्यक्रम जैसे मेडिकल /
इंजीनियरिंग इत्यादि पी. एच.डी./अनुसंधान पाठ्यक्रम
बालिका = 1,20,000/-
बालक = 1,20,000/-

पेंशन सुविधा : 

पंजीकृत लाभार्थी 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर पेंशन का हकदार होगा न्यूनतम पेंशन ₹1000 (एक हजार) प्रति माह प्रदान की जाती है।
बोर्ड में पंजीकृत लाभार्थी 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने से पूर्व 3 वर्षों में लगातार लाभार्थी रहा हो।

विकलांगता पेंशन : 

पंजीकृत लाभार्थी की दुर्घटना एवं बिमारियों के कारण हुई विकलांगता की स्थिति में मु.500/- रूपये (पांच सौ) की राशि प्रतिमाह बतौर पैंशन देने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त 50 प्रतिशत से अधिक विकलांगता की स्थिति में मु.50,000/- रूपये (पचास हजार) और 50 प्रतिशत से कम विकलांगता में मु.25,000/-रूपये (पच्चीस हजार) की राशि प्रदान की जाती है।|

अंतिम संस्कार हेतु सहायता : 

नाम निर्देशित आश्रितों को 20,000/-(बीस हज़ार रुपये ) की राशि देय होगी|

मृत्यु सहायता :

यदि सदस्य की मृत्यु कार्य के दौरान दुर्घटना से होती है तो नाम निर्देशितों/आश्रितों को मु0 4,00,000/- (चार लाख) रुपये की राशि दी जाएगी एवं प्राकृतिक मृत्यु पर मु0 2,00,000/- (दो लाख) रूपये की राशि दी जाएगी।|

बेटी जन्म उपहार योजना : 

पंजीकृत लाभार्थी के दो बेटी के जन्म हेतु मु.51,000/-. (ईकावन हजार) (प्रत्येक बेटी) की राशि एफ.डी.आर के रूप में बोर्ड द्वारा दी जाएगी तथा जिसे बेटी के 18 वर्ष पूर्ण होने पर ही निकाला जा सकता है।|

मानसिक रूप से मंद/ अपंग बच्चों के लिए योजना :

पंजीकृत लाभार्थी के मानसिक रूप से मंद/अपंग बच्चों, की देखभाल के लिए बोर्ड द्वारा मु.20,000/- (बीस हजार) की राशि प्रत्येक वर्ष प्रदान की जाएगी।

विधवा पेंशन योजना :

पंजीकृत लाभार्थी की विधवा को मु.1500/- (पन्द्रह सौ) की राशि प्रत्येक माह बोर्ड द्वारा प्रदान की जाएगी।|

होस्टल सुविधा योजना 

पंजीकृत लाभार्थी के बच्चों को होस्टल में रहने पर बोर्ड द्वारा प्रत्येक वर्ष मु.15,000/- (पन्द्रह हजार) से मु.20,000/- (बीस हजार) तक की राशि आवास, बोर्डिग तथा भोजन के लिए प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री आवास योजना/ पी.एम. ए. वाई.

पंजीकृत लाभार्थी को मुख्यमंत्री/पी.एम.आवास योजना के तहत मु.1,50,000/- (एक लाख पचास हजार) की राशि उनके पी.एम./ एम.ए. आवास योजना के तहत ग्रामीण विकास विभाग द्वारा स्वीकृत मकान बनाने हेतु बोर्ड द्वारा प्रदान की जाएगी।

अन्य :

  1. कामगार द्वारा अधिप्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने पर व्यवसायिक पाठ्यक्रम, पी.एच.डी. अनुसंधान पाठ्यक्रम से संबंधित उपगत व्यय जैसे प्रवेश फीस/ ट्यूशन फीस / हाॅस्टल फीस / बोर्डिंग प्रभार आदि का प्रतिदाय करने के लिए प्रतिवर्ष दो बच्चों तक अधिकतम एक लाख रूपये की रकम ।
  2. कामगार के दो बच्चों तक अधिप्रमाणित दस्तावेज प्रस्तुत करने के अध्यधीन दसवीं और बारहवीं के उन प्रतिभाशाली छात्रों को, जो 75 प्रतिशत या इससे अधिक अंक प्राप्त करते हैं, क्रमशः 25,000/- रूपये और 35,000/- रूपये और किसी भी स्ट्रीम में 60 प्रतिशत या इससे अधिक अंकों सहित स्नातक की परीक्षा पास करने पर 50,000/- रूपये की नकद रकम प्रतिछात्र छात्रवृति।
  3. कामगार के दो बच्चों तक, 50 प्रतिशत या इससे अधिक अक्षमता वाले बच्चों को पहली से आठवीं कक्षा तक 5000/- रूपये, नौंवीं से बारहवीं तक 10,000/- रूपये, स्नातक या इसके समतुल्य उपाधि या डिप्लोमाधारक को 15,000/- रूपये, स्नातकोत्तरत या इसके समतुल्य उपाधि या डिप्लोमा धारक को 25,000/- रूपये और व्यवसायिक डिग्री या पी.एच.डी. धारक को 35,000/- रूपये की प्रतिवर्ष विशेष प्रसुविधा।
  4. बोर्ड विधिमान्य दस्तावेज/प्रस्तावेज/प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के अध्यधीन, राज्य स्तरीय/अन्तरमहाविद्यालय उत्कृष्ट खिलाड़ी को प्रति राज्य प्रतियोगिता के लिए 10,000/- रूपये और राष्ट्रीय / अन्तरविश्वविद्यालय स्तरीय खिलाड़ी को प्रति राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए 25,000/- रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान कर सकेगा।

कौशल विकास भत्ता (राज्य सरकार की कौशल विकास योजना, 2013 के अनुरूप): बोर्ड द्वारा अपने कामगार (पति/पत्नि), उसके दो बच्चों तक कौशल विकास कोर्स करने के लिए मु0 1500 रु0 प्रतिमास की दर से कोर्स की अवधि के दौरान कौशल विकास भत्ता दिया जाता है। बोर्ड द्वारा अपने कामगार (पति/पत्नि), उनके दो बच्चों तक कुल फीस, बोर्डिंग और लाॅजिंग, प्रभारों के संदत करने पर राज्य में या भारत में किसी सरकारी संस्थान से आवासीय कौशल विकास कराने की व्यवस्था कर सकेगा।

कौशल विकास कोर्स के लिए न्युनतम और अधिकतम आयु कामगार (पति/पत्नि) की दशा में 18 से 35 वर्ष और उसके बच्चों की दशा में 15 से 35 वर्ष होगी। बोर्ड द्वारा कामगार (पति/पत्नि), उसके बच्चे किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से अपने कौशल की अभिवृद्धि (अपग्रेडेशन) के लिए न्युनतम 15 दिन और अधिकतम 3 वर्ष की अवधि के लिए कौशल विकास कोर्स कर सकेंगे जिसके लिए उन्हें वर्ष में किसी भवन या अन्य सन्निर्माण कार्य में कम से कम 90 दिन के लिए कार्य करना होगा और इस का प्रमाण पत्र वर्षानुवर्ष आधार पर सचिव या बोर्ड के प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत किया जाना अपेक्षित होगा।

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