Himachal Pradesh Weekly Current Affairs May (2nd Week)

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नई स्वीकृत मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गॉरन्टी योजना के तहत व्यय होंगे 25.20 करोड़ रूपये

शहरी स्थानीय निकाय क्षेत्रों में प्रत्येक घर में 120 दिन का अकुशल रोजगार गारंटी प्रदान करने के उद्देश्य से शहरी क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा बढ़ाने और मजदूरी का कार्य करने वालों को कौशल श्रम प्रदान कर स्वयं का उद्यम स्थापित कर सब्सिडी से जुड़ी क्रेडिट और एंट्रेप्रेन्योरशिप प्रशिक्षण के लिए मुख्यमंत्री शहरी आजीविका गारंटी योजना की शुरुआत की गई। इससे शहरी अधोसरंचना को मजबूत करने और शहरी स्थानीय निकायों में गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं को प्रदान करने में सहायता मिलेगी। इस महत्वकांक्षी योजना के अंतर्गत 25.20 करोड़ रूपये व्यय होने का अनुमान है। प्रदेश के युवाओं हेतु रोजगार के अवसर बढ़ाने और रोजगार की संभावनाओं को सृजित करने के लिए जिला सोलन के वाकनाघाट में एशियन डेवलपमेंट बैंक कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यटन ,आतिथ्य क्षेत्रों सहित सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए विशेष केंद्र स्थापित किये जाएंगे। इससे उत्कृष्टता केंद्र के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में उनके शैक्षणिक अभिलेख एवं कार्य अनुभव को मजबूती मिलेगी और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

समग्र शिक्षा वार्षिक योजना के अंतर्गत 859 करोड़ स्वीकृत

केंद्र सरकार ने मानव संसाधन मंत्रालय ने समग्र शिक्षा योजना वर्ष 2020-21 के लिए हिमाचल प्रदेश को 859 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है। शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि मानव संसाधन मंत्रालय के साथ वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के दौरान यह मंजूरी प्रदान की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि समग्र शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्राथमिक शिक्षा को और बेहतर एवं सुदृढ़ बनाने के लिए प्रदेश सरकार की प्री प्राइमरी कक्षाएं आरम्भ करने की अनूठी पहल को ध्यान में रखते हुए ,3850 प्राथमिक विद्यालयों में प्री प्राइमरी कक्षाओं को बढ़ाने के लिए जो अतिरिक्त अध्यापक तैनात किए जाएंगे उनके लिए केंद्र सरकार द्वारा मानदेय दिए जाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि 100 और स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू की जायेगी। व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 50 प्रतिशत अतिरिक्त स्कूल भी स्वीकृत किये गए है। 953 स्कूलों में यह कार्यक्रम पहले से ही चल रहा है। डिजिटल इनिशिएटिव के अंतर्गत 218 नए उच्च एवं वरिष्ठ विद्यालयों में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए भी स्वीकृति प्रदान की गई है। 200 नए स्कूलों में आई सी टी लैब की ई-टेंडरिंग की जा रही है। प्रदेश के कुल 2740 उच्च व वरिष्ठ स्कूलों में से 2137 स्कूलों में यह कार्यक्रम पहले से ही चल रहा है।

ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर चालकों व परिचालकों के परिजनों को मिलेगा 50 लाख अनुग्रह अनुदान

“सजा नहीं , बचाव है क्वारंटाइन ” पुस्तिका का विमोचन

राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने शिमला स्थित राजभवन में भारत ज्ञान विज्ञान समिति की हिमाचल इकाई द्वारा कोरोना महामारी के दृष्टिगत तैयार की गई “सजा नहीं ,बचाव है क्वारंटाइन “ पुस्तिका का विमोचन किया। इस पुस्तक के लेखक डॉ ओम प्रकाश भूरेटा है।

दीपक गुप्ता

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश जो हाल ही में सेवानिवृत हुए। इनका सम्बन्ध काँगड़ा जिले के नूरपुर क्षेत्र से है।

ई-उद्यान पोर्टल

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ई-उद्यान पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारम्भ किया । अब बागवान इस पोर्टल के माध्यम से विभिन्न सुविधाओं का लाभ ऑनलाइन ले सकेंगे। इससे विभाग के कार्यलयों में लोगों की आवाजाही कम हो सकेगी और यह पोर्टल कोविड-19 महामारी के समय जारी दिशा निर्देशों के तहत सामाजिक दूरी बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

  • बागवान अब कीटनाशकों की खरीद ,खुम्ब के लिए कम्पोस्ट , मधुमक्खियों के छतों की मांग ऑनलाइन कर सकते है।
  • फलों की नर्सरी का रजिस्ट्रेशन , पौधों की मांग ,बागवानी से संबंधित औजार आदि की मांग कर सकते है।
  • सब्सिडी आदि बागवानी क्षेत्र की सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा प्रदान की गई है।

छात्रों को गुणवत्ता शिक्षा देने के लिए हिमाचल प्रदेश में 15 अटल आदर्श विद्यालय खोले जाएंगे।

बीपीएल चयन के लिए सालाना आय सीमा में बृद्धि

बीपीएल/प्राथमिकता वाले परिवारों के लाभार्थियों के चयन के लिए ऊपरी आय सीमा को बढ़ाकर 45000 रूपये प्रस्तावित किया। इससे राष्ट्रिय खाद्य सुरक्षा अधिनियम परिवारों की संख्या 1,50,000 तक बढ़ जाएगी , जिससे वे 3. 30 रूपये प्रति किलो गेहूं आटा और 2 रूपये प्रति किलो चावल बहुत ही रियायती दरों पर लेने के लिए पात्र हो जाएंगे।

फैक्ट्रियों में मिलेगा 115 घंटे ओवरटाइम

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने तीन मौजूदा कानूनों फैक्ट्री एक्ट 1948 , औद्योगिक अधिनियम 1947 और अनुबंध कामगार अधिनियम 1947 की विभिन्न धाराओं के संशोधन का फैसला लिया। उद्योगों में कामगारों को किसी भी तिमाही में 115 घंटे का ओवरटाइम मिलेगा। छोटी औद्योगिक इकाइयों में अनुबंध कामगारों की संख्या 20 से बढ़ाकर 30 की जायगी। छोटी फैक्ट्रियों और लघु औद्योगिक इकाइयों में भी 10 और 20 से बढ़ाकर 20 और 40 होगी। इस संशोधन के बाद बिजली से चलने वाले उद्योगों में कामगारों की संख्या दस से बढ़ाकर बीस की जाएगी , जबकि बिना बिजली के चलने वाले उद्योगों में कामगारों की संख्या 40 हो जाएगी।

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